PM Vishwakarma Yojana 2026: आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, लाभ, स्टेटस चेक

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों (विष्णुकर्मा समुदाय) की आजीविका सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वाकूर्ण योजना है। इस योजना के अंतर्गत पात्र कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण के लिए आर्थिक सहायता, आइडेंटिटी कार्ड व प्रमाणपत्र, और सस्ते ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है, ताकि उनके व्यवसाय में सुधार हो और उनकी कमाई बढ़ सके। यह लेख PM Vishwakarma Yojana की रूप-रेखा, पात्रता, लाभ, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, स्टेटस चेक करने का तरीका, हेल्पलाइन इत्यादि सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ विस्तृत रूप में हिंदी में बताएगा।

PM Vishwakarma Yojana Details (संक्षिप्त विवरण)

मुख्य बिंदु विवरण
योजना का नाम प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना (PM Vishwakarma Yojana)
शुरू करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (विष्णुकर्मा दिवस पर 17 सितम्बर 2023)
संबंधित विभाग सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय (MoMSME)
लाभार्थी पारंपरिक कौशल से जुड़े कारीगर/शिल्पकार (18 पारिवारिक ट्रेडों में से एक)
उद्देश्य कारीगरों को कौशल विकास, उपकरण सहायता, प्रशिक्षण, ऋण एवं बाजार सुविधा प्रदान कर उनकी समृद्धि सुनिश्चित करना
आवेदन प्रक्रिया आमतौर पर कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से पंजीकरण या आधिकारिक पोर्टल pmvishwakarma.gov.in के ज़रिए
आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in

पीएम विश्वकर्मा योजना क्या है

पीएम विश्वकर्मा योजना को 17 सितंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर लॉन्च किया गया था। यह योजना पांच वर्ष (वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक) तक चलेगी और इसके लिए कुल ₹13,000 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। योजना का उद्देश्य पारंपरिक रूप से गिऱने-दोढ़ने वाले हाथों और औज़ारों से कार्य करने वाले शिल्पकारों (जिन्हें विष्णुकर्मा समुदाय कहा जाता है) को पारंपरिक कौशल में आधुनिकता के साथ जोड़ना और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनाना है। इसके अंतर्गत लाभार्थियों को

  • कौशल प्रमाणपत्र और पहचान कार्ड: PM Vishwakarma प्रमाणपत्र और ID Card प्रदान कर कारीगरों की पारंपरिक कला को मान्यता देना।
  • प्रशिक्षण और मानदेय: बुनियादी और उन्नत प्रशिक्षण (प्रत्येक के लिए निर्धारित दिनों का कोर्स) के दौरान दैनिक ₹500 का वेतन।
  • उपकरण वउपकरण सहायता: उच्च गुणवत्ता के औजार खरीदने के लिए लाभार्थी को ₹15,000 का ई-वाउचर (टूलकिट इंसेंटिव) प्रदान करना।
  • ऋण सुविधा: ब्याज सबसिडी के साथ दो चरणों में ₹3 लाख तक का बिना गारंटी का क्रेडिट (पहली किस्त ₹1 लाख एवं दूसरी ₹2 लाख)।
  • डिजिटल लेन-देन प्रोत्साहन: डिजिटल भुगतानों को बढ़ावा देने के लिए प्रति डिजिटल ट्रांजैक्शन ₹1 की इंसेंटिव, अधिकतम 100 ट्रांजैक्शन तक प्रतिमाह।
  • बाजार एवं ब्रांड प्रमोशन: उत्पादों की गुणवत्ता प्रमाणीकरण, मेलों/न्यायिकरण में सहभागिता, खुदरा/ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर मार्केटिंग सहयोग आदि के द्वारा कारीगरों को बाजार से जोड़ा जाता है।

इन सुविधाओं से पारंपरिक शिल्पकारों को आधुनिक उपकरण और कौशल मिलेंगे, जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ेगी और आजीविका सुदृढ़ होगी।

पीएम विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का मुख्य उद्देश्य विष्णुकर्मा समुदाय के शिल्पकारों और कारीगरों की स्थिति सुधारना है। योजना की प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं:

  • पारंपरिक कौशल की रक्षा एवं सशक्तिकरण: गुरु-शिष्य परंपरा से हस्तांतरित हुनर को संजोकर उसे मान्यता प्रदान करना। योजना के अंतर्गत सभी कारीगरों को PM Vishwakarma प्रमाणपत्र और ID कार्ड देकर उनकी पारंपरिक कला को सामाजिक मान्यता दी जाती है।
  • कौशल विकास: बुनियादी एवं उन्नत प्रशिक्षण प्रदान कर कारीगरों के आधुनिक औजारों और तकनीकों से परिचित कराना। प्रशिक्षण के दौरान ₹500 प्रतिदिन मानदेय दिया जाता है।
  • आर्थिक समर्थन: कारीगरों को उपकरणों के लिए वित्तीय सहायता (₹15,000 ई-वाउचर) और उद्यम विस्तार के लिए ऋण प्रदान करके उनकी आय बढ़ाना। यह कदम उन्हें उच्च-ब्याज ऋणदाताओं से मुक्त कर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मदद करता है।
  • डिजिटल रूपांतरण और बाज़ार तक पहुंच: डिजिटल भुगतान प्रोत्साहन और ई-कॉमर्स (जैसे GeM) के माध्यम से कारीगरों को आधुनिक बाज़ार से जोड़ना, जिससे उनकी उत्पादों का दायरा बढ़े और ग्राहक आधार विस्तारित हो।
  • सामाजिक समावेशन: विशेष रूप से महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़े वर्ग, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर, पूर्वोत्तर, द्वीपीय व पहाड़ी क्षेत्रों के कारीगरों को वरीयता देकर समावेश सुनिश्चित करना।

इन पहलों से योजना शिल्पकारों को आधिकारिक पहचान, कौशल उन्नयन, आर्थिक सहायता और विपणन समर्थन प्रदान करके उनके सामाजिक-आर्थिक उन्नयन का मार्ग प्रशस्त करती है।

पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभ

  • प्रत्येक पात्र कारीगर को PM Vishwakarma प्रमाणपत्र और पहचान-पत्र दिया जाएगा, जिससे उसकी पारंपरिक कला को स्वीकृति मिलेगी। यह पहचान सामाजिक सम्मान के साथ आगे की योजनाओं में पात्रता सुनिश्चित करती है।
  • आधारभूत और उन्नत प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक लाभार्थी को ₹500 प्रतिदिन का मानदेय प्रदान किया जाएगा। इस आय से प्रशिक्षण के दौरान उनकी आर्थिक जरूरतें पूरी होती हैं।
  • योजना के शुरूआती चरण में लाभार्थी को उच्च गुणवत्ता के औजार खरीदने हेतु ₹15,000 का ई-वाउचर मिलेगा। इससे उन्हें आधुनिक उपकरण उपलब्ध होंगे, जो उनकी उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेंगे।
  • पात्र कारीगरों को बिना जमानत के ऋण प्रदान किया जाता है – पहला चरण ₹1 लाख (अधिष्ठान तैयारी के बाद) और दूसरा चरण ₹2 लाख (पहला चरण की उपयोगिता एवं प्रगति पर)। इन ऋणों पर मात्र 5% वार्षिक ब्याज लगता है, जिसमें सरकार 8% सबवेंशन देकर शेष ब्याज वहन करती है, जिससे वास्तविक दर बेहद अनुकूल हो जाती है।
  • डिजिटल भुगतानों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक लाभार्थी को ₹1 प्रति डिजिटल लेन-देन की इंसेंटिव मिलेगी, अधिकतम 100 लेन-देन प्रति माह तक। यह पहल कारीगरों को डिजिटल पेमेंट की ओर अग्रसर करेगी।
  • कारीगरों को अपने उत्पादों के ब्रांड के प्रचार-प्रसार के लिए मार्केट लिंकिंग, मेले/कार्यशालाओं में भागीदारी, गुणवत्ता प्रमाणीकरण एवं ई-मार्केटप्लेस (जैसे GeM) पर सूचीकरण जैसी सुविधाएँ दी जाएंगी। इससे उनके उत्पादों को व्यापक उपभोक्ता आधार मिलेगा।
  • चूंकि ऋण बिना गारंटी के दिए जाते हैं और ब्याज बहुत ही कम है, इससे लाभार्थी अवैध मौद्रिक उधारदाताओं पर निर्भर नहीं रहेंगे।
  • ये लाभ मिलकर परंपरागत कला एवं शिल्पों की विरासत को संरक्षित करते हैं और कारीगरों को व्यावसायिक रूप से आत्मनिर्भर बनाते हैं।

PM Vishwakarma Yojana पात्रता (Eligibility Criteria)

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थी होने के लिए निम्न पात्रता मानदंड हैं:

  • आवेदनकर्ता की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
  • आवेदनकर्ता पारिवारिक परंपरा में चली आ रही 18 पारंपरिक शिल्पकारी/व्यवसायों में से किसी एक में संलग्न हो और अपने हाथों व औज़ारों से काम करता हो। (उदाहरण: बढ़ईगीरी, लोहारगीरी, बर्तन निर्माण, मोची आदि)
  • आवेदनकर्ता स्वयं रोजगार से जुड़ा हो और औपचारिक सरकारी नौकरी में न हो।
  • पिछले 5 वर्षों में किसी अन्य केंद्र/राज्य सरकार की समरूप स्वरोजगार ऋण योजना (जैसे मुद्रा, स्वनिधि इत्यादि) से ऋण न लिया हो। (यदि लिए तो पूरी राशि चुका दी हो तो पात्रता मिल सकती है)
  • योजना का लाभ परिवार के एक ही सदस्य को मिलेगा। यहाँ परिवार में पति, पत्नी और अविवाहित संतान शामिल हैं।
  • योजना के लाभार्थी के परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए।

इन शर्तों को पूरा करने वाले हूनरमंद कामगार PM Vishwakarma योजना के तहत रजिस्ट्रेशन कर लाभ ले सकते हैं।

आवश्यक दस्तावेज

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लिए पंजीकरण या आवेदन के समय निम्न दस्तावेज़ की प्रतियाँ साथ में लगानी होती हैं:

  • आवेदनकर्ता का आधार कार्ड अनिवार्य है।
  • वैध मोबाइल नंबर जो आधार से लिंक हो, ताकि OTP वेरिफिकेशन हो सके।
  • बैंक पासबुक या पासबुक कॉपी, जिसमें बैंक का नाम, शाखा, IFSC कोड और खाता संख्या स्पष्ट हो।
  • राशन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र/आधार कार्ड (जब राशन कार्ड उपलब्ध न हो) द्वारा पता-सबूत।
  • यदि राशन कार्ड न हो तो परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड।
  • यदि किसी कारण आवेदनकर्ता के पास बैंक खाता न हो तो बैंक खाता खोलने के दस्तावेज़।

इन दस्तावेज़ों को सत्यापित कराकर संबंधित Common Service Centre (CSC) पर जमा किया जाता है। सही और पूर्ण दस्तावेज़ प्रस्तुत करने से पंजीकरण प्रक्रिया में देरी नहीं होगी।

महत्वपूर्ण तिथियां

  • योजना लॉन्च: 17 सितंबर 2023 (विश्वकर्मा जयंती)।
  • कार्य अवधि: वित्त वर्ष 2023-24 से शुरू होकर 2027-28 तक पांच साल।
  • लाभार्थी लक्ष्यों: योजना की शुरुआत में लक्ष्य रखा गया था कि 5 वर्षों में 30 लाख कारीगर रजिस्टर हों।
  • प्रमुख घटना: नियमित रूप से ध्यान दें क्योंकि सरकार प्रशिक्षण सत्र, उद्देश्य की जानकारी, और ऋण पात्रता जैसे महत्वपूर्ण अपडेट जारी कर सकती है। (वर्तमान में उपलब्ध सूचना के अनुसार कोई अन्य निश्चित तिथि घोषित नहीं है।)

इन तिथियों और लक्ष्यों से पता चलता है कि योजना अभी प्रगति पर है, और समय-समय पर लाभार्थियों की संख्या, ऋण वितरण आदि बढ़ रहे हैं।

PM Vishwakarma Yojana में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में आवेदन आमतौर पर CSC के माध्यम से या आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन होता है। ऑनलाइन आवेदन के चरण इस प्रकार हैं:

  1. सीएससी जाएँ: अपने नजदीकी Common Service Centre (CSC) केंद्र पर जाएँ। वहां प्रशिक्षित कर्मचारी आपके लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी करेंगे।
  2. माइक्रो साईट खोलें: CSC कर्मचारी अधिकारी PM Vishwakarma Yojana के पंजीकरण पोर्टल (pmvishwakarma.gov.in) पर लॉगिन करें।
  3. मोबाइल वेरिफिकेशन एवं ए-केवाईसी: अपना मोबाइल नंबर व आधार कार्ड CSC पोर्टल पर दर्ज कराकर OTP के माध्यम से वैरिफिकेशन करें।
  4. पंजीकरण फॉर्म भरें: आधार-आधारित पंजीकरण फॉर्म में व्यक्तिगत जानकारी, व्यवसाय विवरण, बैंक खाता विवरण इत्यादि भरें। CSC कर्मचारी आपके साथ यह फॉर्म भरेंगे।
  5. दस्तावेज अपलोड करें: आवश्यक दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक आदि) स्कैन/अपलोड करें या सीएससी को दिखाएं।
  6. Udyam रजिस्ट्रेशन: CSC अधिकारी आपके लिए Udyam Assist पोर्टल पर भी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं, जिससे सूक्ष्म-उद्योग का उद्यम पंजीकरण होता है।
  7. ID/प्रमाण-पत्र डाउनलोड: पंजीकरण के बाद पोर्टल से PM Vishwakarma डिजिटल ID और प्रमाण-पत्र डाउनलोड करें।

इन स्टेप्स में CSC प्रमुख भूमिका निभाता है, इसलिए सीधे आम नागरिकों को बड़ी मात्रा में ऑनलाइन आवेदन नहीं करना होता। आधिकारिक मोबाइल ऐप (यदि उपलब्ध हो) या वेबसाइट पर जाकर भी फॉर्म भरा जा सकता है, लेकिन सार्वजनिक जानकारी के अनुसार CSC मार्ग मुख्य है।

पीएम विश्वकर्मा योजना में ऑफलाइन आवेदन कैसे करें

वास्तव में इस योजना में ऑफलाइन व्यक्तिगत आवेदन संभव नहीं है; आवेदन और रजिस्ट्रेशन केवल CSC या ऑनलाइन माध्यमों से होते हैं। किसान/कारीगर को अपने निकटतम CSC केंद्र पर जाना होता है जहाँ अधिकारी ऑनलाइन पंजीकरण कर देते हैं। इसलिए मूल रूप से केवल ऑनलाइन (CSC) मार्ग ही उपलब्ध है।

PM Vishwakarma Yojana में आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें

पंजीकरण के बाद आप अपने आवेदन की स्थिति (status) PM Vishwakarma portal पर देख सकते हैं:

  • पोर्टल पर लॉगिन करें और ‘Beneficiary Status’ या ‘Application Status’ खंड खोलें।
  • अपने आधार/पंजीकरण क्र. दर्ज करके सर्च करें।
  • यदि आपका आवेदन सत्यापित और स्वीकृत हो चुका है, तो पोर्टल पर आपकी Vishwakarma ID और प्रमाणपत्र डाउनलोड करने का विकल्प दिखाई देगा।

इससे आप जान पाएंगे कि आपका पंजीकरण मंजूर हुआ या नहीं। यदि समीक्षा लंबित है, तो कुछ समय बाद पुनः जाँच करें या अपने CSC से संपर्क करें।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की लाभार्थी सूची कैसे देखें

इस योजना में विशेष रूप से किसी सार्वजनिक लाभार्थी सूची की प्रक्रिया नहीं है। पंजीकरण के पश्चात् प्रत्येक सफल कारीगर को व्यक्तिगत प्रमाण-पत्र मिलता है। अपने नाम को मान्यता सूची में देखने के लिए आपको खुद ही पोर्टल पर लॉगिन कर अपनी प्रमाण-पत्र स्थिति देखनी होगी। (यह आम तौर पर पोर्टल के ‘Status’ सेक्शन में मिलेगा।) यदि आपका पंजीकरण स्वीकृत है, तो आप पंजीकृत लाभार्थियों की विस्तृत सूची में स्वयं को देख सकते हैं।

सामान्य समस्याएँ और समाधान

  • पंजीकरण नहीं दिख रहा: यदि पोर्टल पर आपका आवेदन दिखाई नहीं दे रहा है, तो सुनिश्चित करें कि आपने CSC पर सफलतापूर्वक पंजीकरण कराया है। आधार-पुष्टि (ए-केवाईसी) ज़रूरी है। यदि आधार या मोबाइल अपडेट नहीं है, तो CSC जाकर अपडेट कराएँ।
  • आवेदन स्वीकृत नहीं हुआ: पात्रता में गड़बड़ी (जैसे सरकारी नौकरी, पिछले ऋण आदि) या दस्तावेज़ में त्रुटि होने पर आवेदन रिजेक्ट हो सकता है। ऐसी स्थिति में पात्रता शर्तें जाँचें और सही दस्तावेज़ जमा कर पुनः प्रयास करें।
  • ऋण नहीं मिला: प्रशिक्षण पूरी करें, विशेष रूप से बुनियादी प्रशिक्षण, तभी पहला ऋण (₹1 लाख) मिलता है। बाद में उन्नत प्रशिक्षण और पहले ऋण का सही उपयोग होने पर ही दूसरा ऋण मिलेगा। यदि ऋण नहीं मिल रहा है, तो दोनों प्रशिक्षण पूरे करें और CSC से सहायता लें।
  • इन्सेंटिव नहीं दिख रहा: डिजिटल ट्रांजैक्शन इंसेंटिव के लिए आपके लेन-देन UPI/ई-वॉलेट के माध्यम से होने चाहिए। यदि आपको ₹1 ट्रांजैक्शन इंसेंटिव नहीं मिल रहा है, तो सुनिश्चित करें कि आपने अपने व्यवसाय में डिजिटल पेमेंट अपनाए हैं।

इन समस्याओं का समाधान सामान्यतः CSC अधिकारियों या संबंधित विभाग से संपर्क करके किया जा सकता है।

PM Vishwakarma Yojana की महत्वपूर्ण आधिकारिक लिंक

लिंक विवरण URL
आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in
ऑनलाइन आवेदन (रजिस्ट्रेशन) पंजीकरण पोर्टल
आवेदन स्थिति जांच आवेदन स्थिति (पोर्टल लॉगिन के बाद)
प्रमाण-पत्र डाउनलोड Vishwakarma प्रमाण-पत्र (लॉगिन के बाद)
हेल्पलाइन नंबर 18002677777, 17923

नोट: आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद आपको संबंधित सेक्शन (जैसे Registration, Status Check, Certificate) दिखेंगे। ह‍ेल्पलाइन नंबरों से योजना संबंधी पूछताछ कर सकते हैं।

हेल्पलाइन और संपर्क जानकारी

योजना से संबंधित प्रश्नों और सहायता के लिए निम्नलिखित संपर्क उपयोगी हैं:

  • राष्ट्रीय हेल्पलाइन: 18002677777 (टोल-फ्री) और 17923 (संक्षिप्त कोड)।
  • ईमेल सहायता: योजना संबंधी ईमेल (champions@gov.in) पर लिखकर मदद प्राप्त की जा सकती है।
  • स्थानीय अधिकारियों से संपर्क: अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर भी मदद लें। वहां प्रशिक्षित कार्यकर्ता योजना की जानकारी देने तथा आवेदन प्रक्रिया में सहायता करते हैं।
  • MSME विभाग: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय से जुड़ी सरकारी सहायता शाखा से संपर्क किया जा सकता है। champions@gov.in पर लिखकर मदद प्राप्त की जा सकती है।

ये संपर्क आपको योजना में किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक दिक्कत के समाधान में मदद करेंगे।

महत्वपूर्ण Guide पढ़ें- 
1. PM Surya Ghar muft Bijli Yojana
2. PM Shehri Awas Yojana

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना क्या है?

यह योजना देश के पारंपरिक शिल्पकारों (विष्णुकर्मा समुदाय) को कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों के लिए वित्तीय सहायता, सस्ते ब्याज दर पर ऋण, और पहचान-पत्र प्रदान कर उनके आत्मनिर्भर बनने में मदद करती है।

2. कौन-से कारीगर इस योजना के लिए पात्र हैं?

वे कारीगर जो 18 पारिवारिक ट्रेडों में से किसी एक से जुड़े हैं (जैसे बढ़ई, लोहार, मोची, बर्तन बनाने वाला आदि), स्वयं रोजगार पर हैं, कम से कम 18 वर्ष के हैं, और पिछले 5 वर्षों में कोई केंद्र/राज्य ऋण योजना से ऋण नहीं लिया है। सरकारी नौकर या उनके परिवार के सदस्य पात्र नहीं हैं।

3. आवेदन के लिए क्या दस्तावेज चाहिए?

आधार कार्ड, वैध मोबाइल नंबर, बैंक पासबुक की कॉपी, राशन कार्ड या पहचान प्रमाण (जैसे मतदाता कार्ड), और परिवार के अन्य सदस्यों के आधार कार्ड जैसे दस्तावेज लगाने होते हैं। यदि आपके पास बैंक खाता नहीं है तो बैंक खाता खोलने के दस्तावेज भी लगेंगे।

4. PM Vishwakarma Yojana में आवेदन कैसे करें?

आवेदन करने के लिए सबसे पहले निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएँ। वहाँ कर्मचारी आपके आधार और मोबाइल से OTP के माध्यम से पंजीकरण कर देंगे। पंजीकरण के बाद PM Vishwakarma पोर्टल पर लॉगिन कर ID कार्ड डाउनलोड करें और योजना के लाभों के लिए आवेदन करें।

5. ₹15,000 वाला ई-वाउचर (टूलकिट इंसेंटिव) कैसे मिलेगा?

योजना के शुरूआती प्रशिक्षण (बेसिक ट्रेनिंग) के समय आपको ₹15,000 का ई-वाउचर प्राप्त होगा। इसे आप अपने व्यापार के लिए आवश्यक औजार खरीदने में इस्तेमाल कर सकते हैं।

6. ₹3 लाख का ऋण कैसे मिलता है?

आपको दो चरणों में ऋण मिलेगा: पहले प्रशिक्षण के बाद ₹1 लाख (अधिपति प्रशिक्षण) और बाद में दूसरा ₹2 लाख। पहले ऋण के लिए बुनियादी प्रशिक्षण पूरा होना ज़रूरी है। दूसरे ऋण के लिए पहले ऋण का उपयोग, डिजिटल ट्रांजैक्शन या उन्नत प्रशिक्षण पूरा करना आवश्यक है। ऋण पर ब्याज मात्र 5% लगेगा (सरकार 8% सबवेंशन देती है)।

7. क्या डिजिटल लेन-देन के लिए कोई प्रोत्साहन है?

हाँ। योजना के तहत प्रति मान्य डिजिटल लेन-देन के लिए ₹1 इंसेंटिव मिलता है, अधिकतम 100 लेन-देन तक प्रति माह। इससे लाभार्थी UPI/QR भुगतान अपनाकर अतिरिक्त आय पा सकते हैं।

8. ट्रेनिंग ज़रूरी है क्या?

हाँ। बेसिक ट्रेनिंग (5–7 दिन) पूरा करने के बाद ही पहला ऋण ₹1 लाख मिलता है। अगर आपने बेसिक ट्रेनिंग पूरी नहीं की तो ऋण मंजूर नहीं होगा।

9. ऑनलाइन स्टेटस कैसे चेक करें?

योजना के पोर्टल पर लॉगिन करके ‘Application Status’ देखें। अपना आधार या पंजीकरण संख्या दर्ज करने पर आवेदन की स्थिति दिख जाएगी।

10. मुझे प्रमाण-पत्र कैसे मिलेगा?

सफल पंजीकरण के बाद PM Vishwakarma portal पर लॉगिन करके आपका डिजिटल Vishwakarma प्रमाण-पत्र और ID कार्ड डाउनलोड किए जा सकते हैं।

11. किस हेल्पलाइन पर संपर्क करूँ?

योजना से संबंधित जानकारी के लिए 18002677777 या 17923 पर कॉल करें। अपने नजदीकी CSC केंद्र से भी संपर्क किया जा सकता है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना (PM Vishwakarma Yojana) ने देश के पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक संसाधन, प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता प्रदान कर उनकी जीवन-स्तर में उल्लेखनीय सुधार की दिशा में काम किया है। योजना शुरू होने के दो वर्षों में लाखों कारीगरों को जोड़ा जा चुका है और यह 30 लाख लाभार्थियों के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। कौशल विकास, उचित मशीनरी, ऋण व डिजिटल भुगतान प्रोत्साहन से इन विदेह हुनर को वैश्विक मंच पर फैलने का अवसर मिलेगा। इच्छुक लाभार्थी दिए गए दस्तावेजों के साथ अपने निकटतम CSC द्वारा पंजीकरण कर लाभ उठा सकते हैं। इसके विस्तारित लाभों के माध्यम से स्वदेशी कला और कारीगरी को नई ऊंचाइयाँ प्राप्त होंगी तथा जमीनी स्तर पर स्वरोजगार बढ़ेगा।

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